(गीता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित *श्रीमती सुमा मंडल* कृत साझा संकलन "शब्दाभिषेक शिव का" )
दीवाना हूं, दीवाना हूं
प्रभू तेरे प्रेम में, मैं दीवाना हूं ।
परवाना हूं, मैं परवाना हूं,
तेरी रौशनी के लिए, मैं परवाना हूं।
आंखें बंद करता हूं,
तेरी सुंदर छवि झलकती है ।
आंखें खोलता हूं,
सुकून का पल मिलती हैं।
तेरा नाम मैं ध्याऊं,
सदा तेरी आरती गाऊं।
तेरी राहों में,
मैं धूल बनके बिखर जाऊं।
दीवाना हूं, दीवाना हूं।
प्रभू तेरे प्रेम में, मैं दीवाना हूं।
सांसे लेता हूं,
तेरी ही कृपा से मैं।
कष्टों को सह लेता हूं,
तेरी ही दया से मैं।
प्रेम की दीपक को,
तुने ही जलाया हैं।
नफ़रत के ज्वाला को,
तुने ही बुझाया है।
सदा सच की राह अपनाऊं,
झूठ को मन से निकालूं।
तेरी शरण में आकर,
इन्हीं गुणों को मैं चाहूं।
दीवाना हूं, दीवाना हूं।
प्रभू तेरे प्रेम में, मैं दीवाना हूं।
💐💐💐💐💐💐
लोकेश मिश्रा
94063 33690
----------------------------------------------------------
------------------------------------------------------------------------------
GEETA PRAKASHAN
Please call us 62818 22363

.jpeg)
No comments:
Post a Comment