Showing posts with label मेदिनी - के माधवी (काव्य धारा). Show all posts
Showing posts with label मेदिनी - के माधवी (काव्य धारा). Show all posts

Tuesday, May 31

मेदिनी - के माधवी (काव्य धारा)

काव्य धारा


मेदिनी

धरित्री धारिणी वसुंधरा वसुधा,
करती दूर हर प्राणी कोटि की क्षुधा,
प्रकृति का रज रज रहे साभार,
इसके सम कोई न सहे भार।
मां जानकी की माता,
जिसका न कोई भ्राता,
सृष्टि स्थिति की है ज्ञाता,
जिस सम न कोई अभियंता।
आशा निराशा उत्सुकता विमुखता,
हर्ष,विषाद, रात, दिन सम प्राथमिकता,
धात्री का हर जीव धरा ऋणी,
धरती इस कारण है तारिणी।
पांच भौतिक की है आद्या,
दैनंदिनी की है प्रथम पूज्या,
सर्व रोग निवारिणी है अधिष्ठात्री,
सर्वकाल सर्ववस्था वंदनीय है धात्री।

के माधवी
हिन्दी अध्यापिका,
जी बी एच एस,
हिमायतनगर,
सी पी एल,
एंबरपेट,
हैदराबाद,
तेलंगाना।
9502281014
-------------------------------------------------------------------------------------
Call us on 9849250784
To join us,,,

Understand The Arjun’s Dream - K Rakesh (Geeta Prakashan Bookswala's Anthology "Shabdarambh")

  (Geeta Prakashan Bookswala's Anthology "Shabdarambh") Understand The Arjun’s Dream   💐........................................