(गीता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित साझा संकलन "यादगार शब्दों का सफर" से)
बाती मिले नेह की मुझको,
तेल मिले जब अपनेपन का।
मिट्टी का तन मेरा जल के,
तिमिर पियेगा सारा मन का।
जलना पड़े मुझे फिर कितना,
जलकर मैं प्रकाश ही दूँगा।
रौशन करके सबके जग को,
मैं मावस का तम पी लूँगा।।
मन में सबके एक समुंदर,
लिये ज्वार-भाटा का मेला।
यादों की अगिनत नदियाँ हैं,
संग लिये अर्पण की वेला।।
लेकर मेरा साथ चलोगे,
पथ सारा रोशन कर दूंगा।
आगे रख कर मुझे चलोगे,
कभी न ठोकर लगने दूँगा।।
ज्योति प्रकाशित अपनेपन की,
मन के सारे भेद मिटाती।
भटक गये जो रिश्ते-नाते।
नेह सींच कर राह दिखाती।।
मौन रहेगी वाणी लेकिन,
तब मैं आँखो से बोलूँगा।
प्रेम-नदी होगी आलोकित,
आंनंद-लोक के पट खोलूंगा।।
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© राज किशोर वाजपेयी "अभय"
ग्वालियर
94250 03616
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परिचय
नाम : राज किशोर वाजपेयी"अभय"
जन्म :11.06.1958
ग्वालियर
शिक्षा :
एम.एस-सी,एम.ए.(इतिहास,समाज-शास्त्र),एल-एल.बी.
एम.एस-सी,(सैन्य-विज्ञान और एम.ए.इतिहास) में योग्यता -सूची में स्थान।
पूर्व चिकित्सा छात्र,गजरा राजा मेडीकल काँलेज, ग्वालियर।
साहित्यिक विधाओं में कविता, कहानी,लेख इत्यादि में 1974 से नियमित सृजन।
पूर्व अध्यक्ष मध्य भारतीय हिन्दी साहित्य सभा, ग्वालियर
सम्प्रति :
1.संयुक्त आयुक्त (से.नि.) सहकारिता विभाग, मध्य-प्रदेश शासन।
2.पू्र्व प्राध्यापक , शासकीय विज्ञान महाविद्यालय,रायपुर
3पूर्व बैंकर भारतीय स्टेट बैंक।
सम्मान
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला युवा सम्मान ,मध्य-भारतीय हिन्दी साहित्य सभा, ग्वालियर
संत कन्हर सम्मान,डबरा,
प्रकाशन 1974 से लेखन,एवं प्रकाशन।
12साँझा संकलन,
3000 से अधिक रचनायें देश भर की पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित।
शब्द-शिखर(गीत-संग्रह),शब्द-कलश (काब्य-संग्रह),प्रकानाधीन,
कविता की सभी विधाओं में लेखन,
कहानियां , लेख,स्तम्भ-लेखों का नियमित प्रकाशन एवं आकाशवाणी वहय दूरदर्शन से प्रसारण।
सम्पर्क: rajkishorebajpai11@gmail.com
मोबाइल :
9425003616
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