(Bharat Ki Azadi Ka Amruth Mahotsav)
आजादी
पावन पर्व आया है खुशियाँ ढेरों लाया है
आजादी का उत्सव यहाँ चारों ओर छाया है
अनेकों बलिदान देकर हमें आजादी को पाया है
कितने जुर्म सहे हमने , रक्त की धार बहाया है
भारत माता को आजाद कर पावन भूमि बनाया है
अतीत को याद कर अश्रु खूब बहाया है
वीरो की स्मृति में पुष्प माल चढ़ाया है
वर्षों से प्रतीक्षा थी, आजादी का अमृत महोत्सव आया है
इतिहास को याद कर सुपथ पर आगे बढ़ना है
भारत का खोया सम्मान अब वापस लाना है
संस्कृतियों का खजाना है सारे धर्मों के पर्वो को मनाना है
फिर से सोने की चिड़िया और विश्व गुरु अब बनना है
पर्वत ,नदिया सुंदर प्रकृति ईश्वर से हमने पाई है
हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई आपस में हम भाई हैं
राम रहीम की भूमि यह गर्व से कह लाई है
बुद्ध का शांति संदेश जग ने यही से पाई है
छत्रपति की तलवार यही है अंबेडकर का संविधान यही है
मीरा की भक्ति यही है, नारी की शक्ति यही है
वेदों का ज्ञान यही है, गीता का सार यही है
कुरान, बाइबल के संग सब धर्म ग्रंथों का सम्मान यही है
एम.ए हिंदी ( विद्यार्थी )
उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद
तेलंगाना
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