स्वतंत्र भारत का स्वतंत्र साहित्य
मेरा भारत
जहांँ वीर जवान अपनी,
भूमि के लिए अमर हुए है।
वीरों का देश कहलाता,
वो मेरा भारत देश है।
जहांँ सत्य अहिंसा और
धर्म का पालन करते हैं।
सब का सम्मान करता,
वो मेरा भारत देश है।
जहांँ सोने चांदी जैसे
फसलें उगाते हैं।
सब की भूख मीटाता,
वो मेरा भारत देश है।
जहांँ गंगा गोदावरी जैसी
पवित्र नदियांँ बहती है।
सब को पावन बनाता,
वो मेरा भारत देश है।
जहांँ अनेकता में एकता
के दर्शन मिलते हैं।
सब मिलजुल कर रहते हैं,
वो मेरा भारत देश है।
यस के गौस पाषा "शिक्षा रत्न"
भाषा अध्यापक
जड पि हेच यस सिद्दापुर
मं : हसनपर्ती
जिला : हनुमाकोंडा
राज्य : तेलंगाना
फैन नं : 9618717939
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