स्वतंत्र भारत का स्वतंत्र साहित्य
आजादी और हिंदी
चलो आज सुने....आजादी की कहानी हिंदी की जुबानी..
सुनो सुनो आजादी मिली
किस से मिली हिंदी से मिली।
मिली मिली आजादी मिली
आजादी के मशाल में मिली।।
सुनो सुनो आजादी मिली
भारत के जुबान में मिली।
मिली मिली आजादी मिली
वीरों के वाणी में मिली।।
सुनो सुनो आजादी मिली
तिरंगे के रंगों में मिली।
मिली मिली आजादी मिली
शहीदों के लहू में मिली।।
सुनो सुनो आजादी मिली
अनेकता में एकता से मिली।
मिली मिली धरती मां में मिली
हिंदी के श्रम जल से मिली।।
सुनो सुनो आजादी मिली
वर की वधु बनकर मिली।
मिली मिली हिंदी से मिली
भारत का मुखुट बनकर मिली।।
सुनो सुनो आजादी मिली
किस से मिली हिंदी से मिली।
मिली विश्व को अब मिली
भारत को जन्म से मिली।।
भारत को जन्म से मिली..
भारत को जन्म से मिली..
एजाज अहमद
भाषा पंडित (हिंदी)
जिला परिषद् उन्नत पाठशाला मलकापुर
कोइलकोंडा मंडल
जिला: महबूबनगर
9848120275
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स्वतंत्र भारत का स्वतंत्र साहित्य
Editor
Prasadarao Jami
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