(गीता प्रकाशन Bookswala द्वारा प्रकाशित साझा संकलन से)
विश्वास भरेंगे पंखों में ताकत, पंछी बन क्रांति गीत गाएंगे
विश्वास बनेंगे कदमों की आहट, शिखर श्वेत पताका लहराएंगे।
विश्वास भरी गुरु की वाणी, क्षितिज गगन से पुकारेंगे
विश्वास समर्पण की पाती, निश्चल भाग्य संवारेंगे।
विश्वास से पौधे हों सिंचित, संकल्प अमृत नेह बरसाएंगे
विश्वास है आंधी तूफानों में, रुख हवा का मोड दिखाएंगे ।
विश्वास है नन्ही चिड़िया का, तिनके से घोसला बनाएंगे
विश्वास है कश्ती किनारे से, मांझी लहरों से टकराएंगे।
विश्वास है पहाड़ी के पार, कवि सुंदरतम कल्पना सजाएंगे
विश्वास धरोहर सदियों से, आदिम संघर्ष स्वर जगाएंगे।
विश्वास खिली है कलियों में, मौसम पेड़ के फल पकाएंगे
विश्वास खाली है बादल भी, सपने खेत में फसल उगाएंगे।
विश्वास की आवाज न खोना, व्यथित मन पुकारे जाएंगे
विश्वास की सांस न खोना, विघटित मन जोड़े जाएंगे।
विश्वास के बीज बोए जाएंगे, अंधकार में तेज धारे जाएंगे
विश्वास के अंकुर जगाए जायेंगे,रोशनी में निखारे जाएंगे।
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© अरुण कुमार साहू
अध्यक्ष
नावल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन
जिला बालोद,
छत्तीसगढ़
99932 33585
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