(गीता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित साझा संकलन "चंचलता अक्षरों की")
इश्क़ की तहरीर पढ़ता कौन है
पढ़ भी ले गर तो समझता कौन है
सब मुसाफ़िर है चले जायेंगे ही
इक जगह पर यूॅं ठहरता कौन है
शर्त दोनों में लगी है इस दफ़ा
देखना है बस बदलता कौन है
शाम होते ही मैं मर जाता हूॅं रोज
यार ऐसे जीता मरता कौन है
छोड़ देते हैं यहाॅं साया भी साथ
उम्र भर यूॅं साथ चलता कौन है
उसकी नादानी को समझा प्यार मैं
वैसे 'साहिर' प्यार करता कौन है
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© शायर जितेंद्र सुकुमार 'साहिर'
अध्यक्ष रत्नांचल जिला साहित्य एवं जन कल्याण समिति गरियाबंद छत्तीसगढ़
'एकांत विला' पद्मातालाब के सामने थाना पारा राजिम
जिला गरियाबंद छत्तीसगढ़
पिन 493885
90091 87981
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परिचय
नाम - जितेन्द्र सुकुमार साहिर
शिक्षा - एम ए (हिन्द)
प्रकाशित कृतियां - तन्हाई, एक और सूरज, धुर्रा, पीरा ल कइसे बतावंव संगी।
संबद्धता - अध्यक्ष -रत्नांचल जिला साहित्य एवं जन कल्याण समिति गरियाबंद (छत्तीसगढ़)
संस्थापक - आओ कविता लिखें समूह
सम्मान - हिंदी रत्न, भारत गौरव, साहित्य सम्राट जैसे अनेकों मानद उपाधि राज्य एवं दीगर राज्यों से
प्रसारण एवं प्रकाशन - आकाशवाणी में कविताओ का प्रसारण, अब तक भारत के 16 राज्यों की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविता एवं ग़ज़लें प्रकाशित।
सम्प्रति - शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करेली बड़ी मगरलोड जिला धमतरी छग
मोबाइल- 9009187981
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