(''गीता प्रकाशन'' द्वारा प्रकाशित ''श्रीमती सुमा मंडल'' कृत साझा संकलन "चंचलता अक्षरों की")
मेरे मामा लगाये बाजार
कि बैगन बडे़ मजेदार
मेरे मामा लगाये बाजार
कि बैगन बडे़ मजेदार
जब मैं बैगन काटने लगी
जब मैं बैगन काटने लगी
तो कांटे चूभे दो चार
कि बैगन बडे़ मजेदार
मेरे मामा लगाये बाजार
कि बैगन बडे़ मजेदार
जब मैं बैगन पकाने लगी
जब मैं बैगन पकाने लगी
तो मख्खी गिरे दो चार
कि बैगन बडे़ मजेदार
मेरे मामा लगाये बाजार
कि बैगन बडे़ मजेदार
जब मैं बैगन परोसने लगी
जब मैं बैगन परोसने लगी
तो डन्डे पड़े दो चार
कि बैगन बडे़ मजेदार
मेरे मामा लगाये बाजार
कि बैगन बडे़ मजेदार
जब मैं बैगन फेकने लगी
जब मैं बैगन फेकने लगी
तो कुत्ते भौंके दो चार
कि बैगन बडे़ मजेदार
मेरे मामा लगाये बाजार
कि बैगन बडे़ मजेदार
💐💐💐💐💐💐
श्रीमती हासीरानी बनर्जी
सहा. शिक्षिका
आश्रम शाला परसदा खुर्द
पाटसिवनी
वि.खं. छुरा जिला - गरियाबंद, छ.ग.
62641 71302
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GEETA PRAKASHAN
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