(''गीता प्रकाशन'' द्वारा प्रकाशित साझा संकलन "चंचलता अक्षरों की" )
तुम टूट कर कभी यदि बिखरो तो याद करना हमें
हम कोशिश करेंगे, तुम्हे फिर से जोड़ने की
जो हिस्सा तुमसे छूट गया, वो हिस्सा फिर से बनने की
तुम बस जहमत करना बस हमें याद करने की
तुम टूट कर कभी यदि बिखरो....
तुम्हें कभी जब सारे अपने लगे सब बेगाने से
कभी मोती जब नैनो के न रुकें
कभी जब अपना कोई तुम्हें छोड़ दे
कोई करीबी तुम्हारा जब ह्रदय तोड़ दे
तुम बस जहमत करना बस हमें याद करने की
तुम टूट कर कभी यदि बिखरो....
सारी दुनिया से जब विश्वास उठ जाए
कभी जब मन तुम्हारा मरने को करे
जीवन हर पल जैसे मौत सा लगे
तुम बस जहमत करना बस हमें याद करने की
तुम टूट कर कभी यदि बिखरो....
जब सांस भी लेना लगे भारी तुम्हें
कभी टूट के बुरी तरह जब बिखर जाओ तुम
कभी जब खुद को तुम लूटे-पिटे से लगो
जब एक पल भी और जीना लगे दुश्वार तुम्हें
तुम बस जहमत करना बस हमें याद करने की
तुम टूट कर कभी यदि बिखरो....
💐💐💐💐💐💐
ओम प्रकाश शर्मा
2011/28, फरीदाबाद
97032 61152
-------------------------------------------------------------------------------------------------------
------------------------------------------------------------------------------
GEETA PRAKASHAN
Please call us 62818 22363

.jpeg)
No comments:
Post a Comment