(गीता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित साझा संकलन "चंचलता अक्षरों की" से)
आंख लिखो तो नम लिखना
वजह लिखो तो ग़म लिखना
वक्त लिखो तो सब्र लिखना
घड़ी लिखो तो दर्द लिखना
खुदा लिखो तो बेअइब लिखना
मुहब्बत लिखो तो हमारा नाम लिखना
खुशी लिखो तो प्यार भरा अहसास लिखना
खुशबू का इज़हार करो तो, हमारी सांसें लिखना
चाहत लिखो तो मोहब्बत भरी यादें लिखना
नसीब लिखो तो हम दोनों का एतबार लिखना
तरसती नज़रें लिखो तो,हमारा साथ लिखना
दुआ के लिए जब हाथ उठे तो
खुदा से हमारा हाथ मांगना।
नाराज़गी कभी आने न देना,हमेशा हमें साथ रखना
दर दर नहीं भटकना हमें तुम्हारी सांसें बना लेना।
कभी मौत पर लिखो तो
हमारे कफ़न पर कलिमा लिखना।
जब भी कोई लिखो तो
हमें खुशियों का निशाना बनाकर लिखना,
हमें खुशियों का निशाना बनाकर लिखना।
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© फ़रज़ाना
हिंदी अध्यापिका
नलगोंडा
तेलंगाना।
94403 96378
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