(गीता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित " स्वराभिषेक विचारों का" साझा संकलन से)
प्यारा सा छोटा भाई, सबसे निराला,
दिल के करीब, सदैव आला।
तेरी हंसी, तेरी मिठास, बहुत हैं प्यारी,
तू है मेरी जान, तू है मेरी खुशियाँ हमेशा सम्भारी।
तू है मेरी चिड़चिड़ापन, तेरी मस्ती सराही जाती है,
तू है मेरी साथी, तेरी हर पल सवारी जाती है।
तेरे साथ भागना, तेरे साथ खेलना,
तुझे ढोने की यही दिल से राहत है।
तू है मेरा सूरज, जो रौशनी लाता हैं,
तेरे प्यार में मेरा जीवन स्वर्ग बन जाता हैं।
तेरे संग मुस्काना, तेरे होंठों पे महकना,
तेरे हर एक प्यारे पल में दिल मौजूद रहता हैं।
तेरी जिदगी में होना, तेरा साथ सदैव रहना।
तू है मेरी खुशियों की वजह, बिना तेरे में होना सम्पूर्ण रहना।
प्यारा सा छोटा भाई, तू है सच्चा दोस्त और भगवान,
तू हैं मेरी जिंदगी का रंग, तेरे बिना मेरी दुनिया बेजान हैं।
💐💐💐💐💐💐
© डॉ. अरुणा
हिंदी विभाग प्रमुख
एल् वी डी महाविद्यालय, रायचूर,
कर्नाटक।
82776 22133
----------------------------------------------------------
------------------------------------------------------------------------------
GEETA PRAKASHAN
Please call us 62818 22363

.jpeg)
No comments:
Post a Comment