(गीता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित *शगुफ्ता रहमान 'सोना'* कृत *स्वराभिषेक विचारों का* साझा संकलन से)
हथगुली म प्राण धरयां - 2
हुयाँ छौं तैनात जवनों तुम अमर रयान -2
देश का सपूत तुम -2
तुम थें प्रणाम जवनो तुम अमर रयां -2
हमरा बटों म तुमन फूल खिलैनी -2
अपणा हाथों म तुमन कांडा चुभैनी / कांडा लगैनी -2
खून दे कि सींचि तुमन-2
देश की जमीन जवनो तुम अमर रयां -2
धैरा / घौर की याद छुछों तुम थें भी आन्द -2
आँख्यों कु पाणि दिद्यों आँख्यों मा रै जान्द -2
अपणु घार छोड़ी जयां देश कु -2
जग्वाल जवनो तुम अमर रयां -2
धाम हो पाणि चाहे आंधी तूफान-2
जैलीगे बदन सारू देश कु बान-2
बर्फ कु बण्यू चदरू-2
कांड्यों कु डिसाण जवनो तुम अमर रयां -2
अपणू जीवन कर्फ्यू च देश कु नाम-2
तुमरी या ज्वानी आली देश कु काम-2
माँ भग्यान होली कनी -2
जौं का तुम नौन्याल जवनो तुम अमर रयां -2
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सुनीता मेंदोलिया
शिक्षिका
ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड
9917064100
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