(गीता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित "यादगार शब्दों का सफर" साझा संकलन से)
आओ मित्रों सोच समझ लो , जीवन कैसे जीना है ।
अच्छे बुरे सभी पलों में , धैर्य बनाए रखना है ।।
गुस्सा गर करते हैं कोई , सदभावना तुम पेश करो ।
शांत अगर उनको करना तो , द्वेष भाव तुम नहीं रखो ।।
मांग पूरा न होने पर भी , किसी तरह न गम करो ।
आशाएं न ज्यादा तुम भी , कभी किसी से किया करो ।।
जो भी मिला हुआ है तुमको , खुशी उसी में ढूंढना है ।।1।।
अच्छे बुरे .......
अगर दुखी करता कोई तो , कष्ट स्वयं भी पाता है ।
जो भी जैसे कर्म है करता , फल वैसा मिल जाता है ।।
क्रोध वश में आकर तुम भी , कोई न अपराध करो ।
कर्मफल तो अटल सत्य है , सोच यही तुम माफ करो।।
मन को अपना शांत बनाने , स्वाध्याय भी करना है ।।2।।
अच्छे बुरे ........
आत्मा का तो स्वधर्म ही , शुद्ध मन व शांति है ।
ध्यान योग व सद्चिंतन से , हमको ये सब मिलती है ।।
अच्छी पुस्तक पढ़ने में न , थोड़ा भी प्रमाद करो ।
प्राणायाम भी नित्य करो व , तन को अपना स्वस्थ रखो।।
इन कर्म के साथ - साथ में , सदाचरण भी करना है ।।3।।
अच्छे बुरे ......
लोभ, मोह व काम क्रोध ये , आते जाते रहता है ।
जो सच्चे साधक हैं वह तो , इनको वश में रखता है ।।
खानपान गर उत्तेजक तो , ये सब हमें सताता है ।
जैसे खाते अन्न हैं वैसा , मन अपना बनाता जाता है ।।
सात्विक शाकाहारी बनो तुम , मांसाहार न करना है ।।4।।
अच्छे बुरे .........
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© ऋतुराज "बसंत"
अभनपुर, वार्ड नंबर 10, जिला - रायपुर (छत्तीसगढ़)
93409 56001
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: परिचय :
• नाम - बसंत कुमार साहू
• उपनाम - "ऋतुराज " बसंत
• जन्म तिथि - 03/04/1971
• पिता का नाम - हरखूराम साहू
• माता का नाम - राधिका बाई
• शिक्षा - स्नातक , पी. एम. ओ.
• व्यवसाय - कुटीर उद्योग
. पता - अभनपुर,वार्ड नंबर 10,जिला -रायपुर ( छत्तीसगढ़ )
• मोबाइल नंबर - 9340956001
• जीवन क्रम - जन्म से छः माह पूर्व पिता व तीन माह की आयु उपरांत माता द्वारा त्याग , परवरिश ननिहाल में हुआ । दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई नियमित छात्र के रूप में मजदूरी करते हुए पूरा हुआ । तत्पश्चात 12वी , स्नातक ( स्वाध्यायी छात्र ) व आई. टी. आई. की पढ़ाई स्वयं की व्यवसाय ट्रेन व बाजारों में चना बेचते हुए संपन्न हुआ ।
• कविता लेखन का उद्देश्य - सन 1993 को गायत्री परिवार व साधनात्मक गतिविधि में शामिल होने के पश्चात समाज और संगठन में व्याप्त बिखराव , नशा, फैशन , कुरीतिया , षड्विकार जैसे बुराइयों से अवगत होकर उनके प्रति जन सामान्य को सजग करना ।
• प्रेरणा स्त्रोत - अखंड ज्योति , युग निर्माण पत्रिका , आध्यात्मिक अनुभूति और स्व प्रेरणा।
• रचना के प्रकार - आध्यात्मिक , देशभक्ति तथा प्रेरक गीत ।
• भाषा - हिंदी और छत्तीसगढ़ी ( तत्भव और तत्सम शब्दों का समावेश )
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