(गीता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित " साहित्याकाश रचनाकारों का ... " साझा संकलन से)
सोच सोच के समझ को बदलो
अब बदलो हिंदुस्तानी l
सोच सोच के समझना बदली
तो होगी बड़ी हैरानी l.l
भूले हम सनातनी को
अपनाई जापानी l
हम वैश्वीकरण में भैया
सब भूले हिंदुस्तानी l.l
सोच सोच के समझ को बदलो
अब बदलो हिंदुस्तानी
भ्रष्टाचार बलात्कार क्षेत्रवाद की
कहीं ना जाए कहानी.l
जात पात हिंदू मुस्लिम में
अब बट गए हिंदुस्तानी l.l
सोच सोच के समझ को बदलो
अब बदलो हिंदुस्तानी
राजनीति और बेरोजगारी की
बढ़ती जाए कहानी l
महंगाई की मार से भैया
भई सबको हैरानी l.l
हथियारों की होड़ में भैया
हुई दुनिया दीवानी l
अपने विनाश की कहानी लिख के
ज्ञानवान हुए अज्ञानी l.l
सोच सोच के समझ को बदलो
अब बदलो हिंदुस्तानी
💐💐💐💐💐💐
© जीपी अहिरवार
शिक्षक/ साहित्यकार
इमलाई दमोह एमपी
9993611831
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