वातावरण ही जीवन है,प्रकृति द्वारा रक्षित है।
पेड पौधे पशु पक्षी व मानव भी संरक्षित है।
जल से बुझती प्यास, फसल को पानीभी आवश्यक है।
उदयोग धंधे अन्य कार्य में जल ही अत्यावश्यक है।
वायु को नहीं करें प्रदूषित आक्सीजन होती है
क्लोरो फ्लोरो कार्बन से ओजोन परत भी रोती है।
अधिक खाद से धरती का
उपजाऊपन जाता है।
रासायनिक अपशिष्ट से विषैलापन आता है।
अधिक शोर से बहरापन मानव का बढता जाता है।
ध्वनि प्रदूषण करो नियंत्रण
तभी शांत रह पाता है।
सभी प्रदूषण हानिकारक
वातावरण का रक्षण हो।
तभी सुखीहो मानव जीवन
पर्यावरण संरक्षण हो।
बनवारी श्याम गौत्तम
व्याख्याता रा उ मा वि गजराज बडौदा(सपोटरा)
जिला करौली राजस्थान
90796 83154
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
VIDEO
Call 89850 00627 @ EDITOR Rupa Devi
Call 9849250784 for more details on Book.
to join us ...click here
https://chat.whatsapp.com/FidIGIUNSqzGJDgZ0Lh0cd
-----------------------------------------------
मैं हिंदी हूँ....
श्रीमती रूपा देवी द्वारा संपादित संकलन.
जुड़ने के लिए
9849250784 पर अपनी
कविता / Poetry
लेख / Article
कहानी / Story
भेजें, अपने फोटो सहित
अंतिम तिथि
30.08.2022
अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें,,,9849250784
जुड़ने पर आपको मिलेंगी
ISBN सहित 2 पुस्तकें, Blog Page और Youtube Video.
https://chat.whatsapp.com/FidIGIUNSqzGJDgZ0Lh0cd
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
scan to see on youtube
BOOK PUBLISHED BY :
GEETA PRAKASHAN INDIA
Cell 98492 50784
geetaprakashan7@gmail.com
---------------------------------------------------------------------------------
do you want to publish your writing through our BLOGPAGE ?
Please call us 62818 22363
No comments:
Post a Comment