(DESH BHAKTI)
गौरवमय अतीत इसका, भविष्य आशावान,
इसकी पावन गाथा पर हमको अभिमान।
धरती से अंबर तक इसकी किर्ति महान,
वीर सपूतों की भूमि,देश मेरा शौर्यवान।
राजपथ पर सीना ताने खड़े वीर जवान,
मखमली खेतों में मेहनती किसान।
सत्य, अहिंसा के पुजारी हम है धैर्यवान ,
बुद्धिजीवी युवा शक्ति करें नए अनुसंधान।
देवों की पावन भूमि , ऋषि, मुनियों के पैरों के निशान,
मातृभूमि को मां माने, ऐसे देश की संतान।
भांति - भांति के मानस इसमें,लगे उपवन समान,
कितनी, बोली भाषा पर ,एक इसका संविधान।
पूर्ण संसार को कुटुंब माने ऐसी इसकी शान,
पशु, पक्षी, पेड़ , नदी को पूजे ऐसे आस्थावान।
संस्कृति के पोषक हम भारतीयता है पहचान,
आर्यभट्ट, चाणक्य जैसे जन्मे यहां विद्वान।
व्यास बने पहले गुरु ,रचे वेद पुराण,
आयुर्वेद ,चरक ने सिखाया दुनिया को विज्ञान।
तिरंगे के सम्मान में ही हमारा मान
आत्मा, हृदय वहां , जहां हिंदुस्तान।
पुनर्जन्म हो, इसी धरा पर मांगे यह वरदान।
विश्वगुरु बन भारत देगा, आध्यात्मिकता का ज्ञान।
संपूर्ण सृष्टि में सबसे प्यारा मेरा भारत महान।
सुलभा संजयसिंह राजपूत
सूरत
गुजरात
+91 91736 80344
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