(Mein Kavita ...)
मेरी प्यारी हिंदी
हिंदी हमारी मातृभाषा,
फिर हिंदी बोलने में शर्मिंदगी क्यों?
हिंदी हमारी राजभाषा,
अंग्रेजी को इतना सम्मान क्यों?
कहीं भी जाते साक्षात्कार को,
नजरअंदाज करते सभी हिंदी को।
अंग्रेजी में सवाल जवाब हैं होते,
अनपढ़ की श्रेणी में रखते हिंदी को।।
हिंदी भाषी को क्यों नहीं ज्ञानी बोलते?
क्यों बढ़ -चढ़कर सब अंग्रेजी बोलते?
हिंदी भाषा में है इतना ज्ञान भरा,
नहीं हो सकता कोई उसके सामने खड़ा।।
क्यों नहीं हिंदी को आज भी,
राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया जा रहा?
क्यों नहीं अंग्रेजी को आज भी,
हिंदुस्तान से विदा किया जा रहा?
सीमा शर्मा
स०अ० प्रा० वि०-निवाड़ा
-बागपत (उत्तर प्रदेश)
83685 95454
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GEETA PRAKASHAN
Hyderabad
6281822363
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