Wednesday, July 6

महिमा भारत देश की - डा बीना सिंह "रागी" (काव्य धारा)

काव्य धारा


महिमा भारत देश की

भारत देश की आन बान शान अजब निराली है

मनाई जाती मिलजुल यहां होली ईद दिवाली है

पावन धरा है यह देव देवियों की पवित्र भूमि है

प्रहरी बन हिमशिखर करता मां की रखवाली है

भारत देश की आन बान शान अजब निराली है


हरी-भरी धरा सुसज्जित बाग बगीचे पर्वत प्रकृति

भारत खंड हिंद आर्यावर्त जंबूद्वीप अनुपम कृति

रस सुधा अमृत सा पावन गंगा जमुना सरस्वती

कलकल निश्चल चंचल बहती चाल मतवाली है

भारत देश की आन बान शान अजब निराली है


नीला अंबर ऊपर नीचे फैला मां का कोरा आंचल

नैनाभीराम छवि देख ये हर कोई हो जाए कायल

उगते दिनकर पूरब में पश्चिम में ढलते ले लाली है

भारत देश की आन बान शान अजब निराली है


हंस हंसिनी चकोर चकोरी पपीहा कोयल मोर मोरनी

वन में है स्वच्छंद घूमते हिरण व्याघ्र शेर शेरनी

सूर्य वीर दानवीर प्रज्ञावान संतानों की यह है माटी 

भिन्नभिन्न जाति धर्मभाषा पर हमसब हिंदुस्तानी है

भारत देश की आन बान शान अजब निराली है


डा बीना सिंह "रागी"

भिलाई छत्तीसगढ़

6266338031

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डा बीना सिंह "रागी"

कवित्री शायरा समाज सेविका

काव्य शिरोमणि सम्मान

 अटल श्रद्धांजलि सम्मान

सद्भावना नारी शक्ति सम्मान

राजभाषा बांग में अलंकरण सम्मान

 कलमकार सम्मान 

राष्ट्रीय कवि संगम

आगमन छत्तीसगढ़ पदार्पण सम्मान

अखिल भारतीय कवि सम्मेलन  समारोह सम्मान

 आदि शक्ति फाउंडेशन दिल्ली

 काव्य सागर सम्मान 

 प्रेरणा दर्पण सम्मान

क्रांतिधारा मेरठ साहित्य महाकुंभ सम्मान

महिला शक्ति अलंकरण सम्मान

नर्मदा आह्वान सेवा समिति समारोह सम्मान

क्रांतिधारा अंतरराष्ट्रीय साहित्य साधक सम्मान

 जीडी  साहित्य रत्न सम्मान

 और भी छोटे बड़े विभिन्न संस्थानों द्वारा विभिन्न सम्मान से पुरस्कृत

समय-समय पर टीवी चैनल द्वारा रचनाओं का प्रसारण

पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित

कई साजा संग्रह में रचनाओं का प्रकाशन

पेशा चिकित्सा अभी अवकाश

भिलाई छत्तीसगढ़

6266338031


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