काव्य धारा

आखिर ये घर किसका है ?
मेरा-मेरा क्यों कहते हो, आखिर ये घर किसका है ?
अंत-समय ले जाए सँग में, अगर असल में जिसका है।।
बड़े-बड़े धनवान गुणीजन, जाते खाली-हाथ गए।
धन-दौलत और रिश्ते-नाते, कोई न उसके साथ गए ।।
एक अकेला आया था और, एक अकेला खिसका है।
मेरा-मेरा क्यों कहते हो, ...............।।
जो था कभी किसी और का, वो घर आज हमारा है।
हो जाएगा कल किसी का, रहना नहीं दुबारा है।।
घर- चौबारे रह जाते हैं, मालिक ही बस मिटता है।
मेरा- मेरा क्यों कहते हो, ................।।
कोई काम ना आएगा, पीछे तू पछताएगा।
कर ले पूजा धर्म-कर्म व्रत, साथ वही तो जाएगा।।
जाते-वाले रोते हैं सब, रहता है वो सिसका है।
मेरा- मेरा क्यों कहते हो, ................।।
रावण- कौरव- कंस सरीखे, दम्भी बड़े- बलवान गए।
किस पर दम भरते हो तुम भी, जाने कितने जान गए।।
कहे "जलक्षत्री" उसका था जो, हाल वही अब इसका है।
मेरा- मेरा क्यों कहते हो, ............... ।।
अशोक धीवर "जलक्षत्री"
(पेंटर, मूर्तिकार एवं साहित्यकार)
ग्राम- तुलसी (तिल्दा-नेवरा)
रामनगर वार्ड क्र.- 16 (रावणभाठा)
जिला- रायपुर (छत्तीसगढ़)
9300716740
------------------------------
।। संक्षिप्त - परिचय ।।
रचनाकार- अशोक धीवर "जलक्षत्री" (दत्तकपुत्र)
जन्मदाता पिता- स्व. श्री गजाधर प्रसाद धीवर (पँडवानी गायक)
जन्मदात्री माता - स्व. श्रीमती सहोदरा धीवर
पालक पिता- स्व. श्री पुनूराम (बुल्ठूराम) धीवर
पालक माता- स्व. श्रीमती भगवंतीन धीवर
शैक्षणिक योग्यता- 12 वीं
जन्मतिथि - 27/06/1972
कार्य (पेशा)- पेंटर एवं मूर्तिकार
समाज सेवा- कार्यवाहक अध्यक्ष ( छ.ग. धीवर समाज- रायखेड़ा खौली राज)
प्रकाशित कृति - जय गणेश भगवान (लघु शोध ग्रंथ)
परिणय - पथ (समाजिक पत्रिका संपादन)
साझा काव्य संग्रह-लगभग 26 साझा काव्य संग्रह
सम्मान - हिंदी साहित्य सृजक, साहित्य शिल्पी, हिंदी साहित्य रत्न, श्रेष्ठ दोहा सृजनकार, साहित्य सुरभि, राष्ट्रीय अग्रसर भाषा सारथी, सृजन चेतना अलंकरण, काव्य सौंदर्य सम्मान, साहित्य श्री, प्रणेता सम्मान, कर्मवीर सम्मान, प्रणेता सम्मान, विदित सम्मान, काव्यानुभूति सम्मान, काव्य उषा सम्मान, संगम साहित्य सम्मान, प्रेम पथिक सम्मान, डायरी गौरव सम्मान, राष्ट्र हिन्दी साहित्य सेवा सम्मान, श्री राम साहित्य सेवा रत्न, साहित्य भारत सेवा रत्न, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना सम्मान एवं विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं प्रकाशित
लेखन विधा- कविता, गीत, गजल, छंद, लघुकथा एवं आध्यात्मिक समीक्षा
लेखन भाषा - हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी
पता - "सदगुरु कृपा सदन"
रामनगर वार्ड नंबर- 16, (रावणभाठा)
पोस्ट - नेवरा, पिन कोड- 493114
ग्राम- तुलसी (तिल्दा-नेवरा) जिला- रायपुर (छत्तीसगढ़)
मोबाइल नंबर - 9300716740
-------------------------------------------------------------------------------------


मेरी रचना को ब्लाँग में स्थान देने हेतु आपको बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय जी
ReplyDelete