Wednesday, July 6

जिन्दगी का सार - वै.शारदा (शारु) (काव्य धारा)

काव्य धारा


जिन्दगी का सार


जिन्दगी एक परीक्षा है
इसे पास करना
उतना आसान नही
जितना किसी डिग्री का पाना।
गुजरनी पडती है कई रास्तों से
तब जाके मिलते हैं नतीजें
कितने दिन कितनी रातें
जगने पडते हैं इसे पाने में।
जिन्दगी एक खेल है
हम तो सिर्फ खिलाडी हैं
कभी जीत कभी हार
कभीआउट कभी गोल
अनुभवों का सार है जिन्दगी।
जिन्दगी एक पक्वान है
कुछ खट्टा कुछ मीठा
कुछ तीखा कुछ नमकीन
सारे स्वाद हैं इसमें
सबको समान चखना ही
जिन्दगी का सार है


वै.शारदा (शारु)
हिन्दी अध्यापिका
जि.प.उ.पा.नंदिगामा
रंगारेड्डी
9491484099
 

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