Wednesday, July 6

मानवता पर कविता - श्रीमती रश्मि बुनकर (काव्य धारा)

काव्य धारा


मानवता पर कविता

रंग से ना करो प्यार,

वो इक दिन ढल जाएगा।

इंसानियत को दो मान, 

वो ही तुम्हारे काम आएगा।।


धर्म अधर्म से दूर होके, 

इंसानियत का दिया जलाओ।

बुरे समय में इंसान ही , 

इंसान के काम आएगा।।


आग लगाना भी अच्छा है,

अगर अहंकार को लगा सको।

आंसू बहाना भी अच्छा है,

अगर पश्चाताप के बहा सको।।


झुक जाना भी अच्छा है,

अगर रिश्ता बचा सको।

अपनों में अपनापन नापने से पहले, 

जरा खुद की भी जांच करो।।


दूसरों से आस रखने से पहले, 

खुद की काबिलियत की तलाश करो।

आस-आस ही रह जाएगी,

इक दिन काश हो जाएगी।।


कल के इंतजार से पहले,

आज की कीमत का ख्याल करो।।



श्रीमती रश्मि बुनकर 

पद-प्राथमिक शिक्षक

शाला-एकीकृत शा.शा.मा. विद्यालय जालमपुर

विकासखण्ड -गुना

जिला -गुना (मध्यप्रदेश)।

पता-शिवाजी नगर कोल्हूपुरा (स्नेहा किराना स्टोर) गुना (म.प्र.)।

78283 20101

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