Monday, July 18

भारत मेरा स्वाभिमान - छोटम रजनी (Bharat Ki Azadi Ka Amruth Mahotsav)

 

(Bharat Ki Azadi Ka Amruth Mahotsav)


भारत मेरा स्वाभिमान

नमन है मेरा उस देश को ,
जहाँ जन्म मेरा अस्तित्व है ।
चरण वंदन है उस देश को ,
जिसकी आन ,बान व शान है ।
तिलक करे हम उस माटी से , 
जिसके आँचल में सोया राजवीर है ।
गाते है हम उन गाथाओं को आज भी , 
जिसमें मणि,पन्ना ,रज़िया जैसी धीर है ।
सूफी फकिरों के इस देश में, 
मन्त्र और गुरबानी के मेले है ।
हिंद की माटी ऐसी,
जिसमें लिपटा , यमन ,तुर्की और अफ़गानी है ।
हिमालय की अडिगता 
और छप्पन कुल का योग लिये ,
आज खड़ा है देश मेरा , 
अपने अभिमान का अमृत पीये ।
मेरे देश की माटी की ये रंगत , 
आज अजीब सी रंग लाई है ।
हिंसा की होली जलकर , 
अज्ञानी ने बैठ मलाई खाई है ।
भारत माँ का मान आज भी , 
सिर चढ़कर डोल रहा है ।
इसका ही रक्षक आज , 
भक्षक बन दौड़  रहा है ।


छोटम रजनी 
Gr = ll हिन्दी पन्डित
सरकारी उन्नत पाठशाला  
मुशीराबाद,हैदराबाद ।500020
cell नम्बर = 9652054033

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Call 89852 51271 @ EDITOR Dr. Sabbani Laxminarayana 

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