(Bharat Ki Azadi Ka Amruth Mahotsav)
भारत- वासी
पूरे नौ महीने बोझ ढोती है माँ,
उससे भी बढ़कर ढोती है भारत माँ ।
जैसे-तैसे माँ का ऋण तो चुकाते हो,
फिर भारत भूमि के ऋणी क्यों बनते हो ?
गिलहरी की तरह देश की सेवा हम करे,
सभी मिलकर रहे पक्के देश भक्त बने।
हम सब अलग- अलग है पर भारतीय हैं,
अलग अलग परिवार के हैं पर भाई-बहन है ।
अलग-अलग भाषीय है पर तिरंगा एक है,
अलग-अलग वेश भूषा है पर शांति मार्ग एक है।
अलग - अलग शरीर है पर बहता खून एक है ,
वही खून को भारत माँ के चरणो पर बहा दे ।
सीमा पर डटे रहते दिन रात भाई हमारे,
कड़ी धूप, हिम, वर्षा के साथ ही रहते ।
भाई-बहन, माता-पिता, पत्नि और संतान से दूर रहते,
लेकिन घर आने की चेष्टा कभी ना करते ।
नदि की पवित्रता, हिमालय की शान, वीरों के सपने,
शिल्प कला मंदिर, ऋषियो, वेदो को ना भूलते ।
समस्याओं से झेलते, सभी रंगो में आगे बढ़ते,
जन्म को सार्थक बनाते, देश का उद्धार करते ।
वही है भारत वासी, वही है भारत वासी ।
के. कृष्णा कुमारी
Near Ramalayam, New town
Mahabubnagar Taluk 509 001
Mahabubnagar district Telangana
8639040574
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