काव्य धारा

माँ का प्यार
यह एक पवित्र एहसास है,
जिसके
चारों ओर सारी दुनिया गूमती है,
यह एक एहसास है,
जिसमें
सारी भावना व्यक्त होती है,
यह एक एहसास है,
जो शाश्वत्
है और दिव्य भी,
और सारा भ्रमांड प्रेम
का दास है और रहेगा,
इसलिए जितने शिद्धत से प्रेम करोगे
उतने ही शिद्धत से प्रेम पाओगे
और
वो है मातृत्व
- एक माँ का प्यार
अन्विता नागुबंडी
12 क्लास,
D/o डॉ. किरण कुमार नागुबंडी (पिता) & डॉ. माधवी नागुबंडी (माता),
फ्लैट नं 505, फाइव एलेमेंट्स,
ममता हॉस्पिटल रोड,
खम्मम – तेलंगाना 507 002
70133 15657
anvithanagubandi2005@gmail.com
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