Wednesday, June 1

मोहब्बत - लक्ष्मी प्रसन्ना जामि (काव्य धारा)

काव्य धारा


मोहब्बत

क्या है यह मोहब्बत
खुद से प्यार हर कोई करता है
पर किसी से
खुद से ज्यादा प्यार हो जाता है
उसे मोहब्बत कहते हैं
ऐसे प्यार में
बेहद खुशी मिलती है
मन को पूरी शांति मिलती है
कभी आंखो में आंसू भर्ती है
और फिर मुस्कुराने की वजह बनती है
दिल धड़कता है
उनके नाम पर
उनसे रूह जुड़ती है
प्रकृति सहायता करती है
खुदा की दुआ मिलती है
मोहब्बत जिंदगी जीने का 
और जितने का कारण बनती है


लक्ष्मी प्रसन्ना जामि
बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग
( इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स)
आंध्रा विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश
युवा कवयित्री
तेलंगाना, भारत
9346486607

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