Wednesday, June 22

जीवन की यात्रा - विश्वनाथ सरिता (काव्य धारा)

काव्य धारा


जीवन की यात्रा


अविस्मरणीय इस जीवन की यात्रा में 

 क्यों? करते हो कल की चिंता तुम,

 देखो! खूबसूरत, खुशियों की दुनिया,

 हर पल सब हंसकर ,खुलकर जीलो।


 देखो ! दो पल की जिंदगी हमारी ,

 क्या है ? आज बचपन कल जवानी ,

 हर रोज एक पन्ना जुड़ता रहता ,

 घट जाती रहती सारी उम्र हमारी ।।


 जीवन के सारे दुख दूर करो ,

 मिलकर जीयो दोस्त और परिवार से ,

 आंखों में बसालो उनकी यादों को,

 दिल में छिपालो मुलाकातों को।।


खूबसूरत जिंदगी का यह रास्ता ,

जो आया है ,उसको जाना ही पड़ेगा,

आओ! प्यार से लिखते चले हमारी

इस जीवन की सुंदर हर कहानी ।।


सबके साथ चलते-चलते ,

जिंदगी का सफर यूं ही काटते चले,

मुश्किल आने पर भी रुकती नहीं जिंदगी ,

फूल और कांटों के साथ चलती रहेगी....

हमारी  ""जीवन की यात्रा""


विश्वनाथ सरिता

टीजीटी हिंदी 

समाज कल्याण आवासी पाठशाला,

नरमेट्टा,

जनगांव। 

9966269950.


-------------------------------------------------------------------------------------


Call us on 9849250784
To join us,,,

No comments:

Post a Comment

एहसास की खुशबू - सोहन ‘समीं‘ (Geeta Prakashan Bookswala's Anthology "निवेश अक्षरों का")

    (Geeta Prakashan Bookswala's Anthology "निवेश अक्षरों का")     एहसास की खुशबू  💐.......................................💐...