(गीता प्रकाशन Bookswala द्वारा प्रकाशित साझा संकलन से)
पिता जीवन है, सबल है, परिवार के अनुशासन है।
पिता सृष्टि का निर्माण, संस्कार का प्रशासन है।
पिता के गोद और कंधे ही आधार है,
पिता की उंगली में सफर का सार है।।
पिता जिंदगी की उम्मीद और आप है,
पिता परिवार की हिम्मत, और विश्वास है।
पिता बाहर से कठोर और अंदर से नरम है,
पिता जीवन भर संघर्ष करते हैं कभी हारते नहीं ना ही करते आराम है।
पिता वृक्ष के समान है,
पिता पर्वत के समान अटल है,
पिता हवा के समान शीतल है,
पिता नभ के समान विशाल है।
पिता है तो सारा जहां अपने हैं,
पिता है तो बचपन के हर सपने अपने हैं,
पिता है तो रोटी कपड़ा मकान है, पिता है तो हर मुश्किल आसान है।
पिता का स्नेह अथाह सागर है,
पिता का आशीष विशाल गागर है,
पिता के चरणों में जन्नत है,
पिता के हाथों में मन्नत है,
पिता मेरा सारा संसार है।।
💐💐💐💐💐💐
© श्रीमती गायत्री नेताम
बारवी, भानुप्रतापपुर
6267922779
----------------------------------------------------------
------------------------------------------------------------------------------
GEETA PRAKASHAN
Please call us 62818 22363

.jpeg)
No comments:
Post a Comment