(गीता प्रकाशन द्वारा प्रकाशित "शब्दाभिषेक शिव का" साझा संकलन से)
शिव चले ससुराल लेकर भूतों की बारात, चलो चलो रे।2
डम डम डम डम डमरू बाजे, छम छम छम छम घुंघरू।2
नाचे पूरा रे संसार ।चलो चलो रे । शिव चले...... चलो चलो रे।
ब्रह्मा आए विष्णु आए, आए रे देवराज ।
देवता आए पितर आए ,आए रे मुनिराज ।
वीणा बजावत नारद आये...2
गाये मंगलाचार। चलो चलो रे...
शिव चले ससुराल........ चलो चलो रे
शिव पहने बाघम्बर छालाअंग भभूत लगाए ।
गले में सोहे सर्पो की माला ,चंद्र मुकुट सजाये ।
जटा से बहती गंगा धारा ..2
पूरा करें श्रृंगार । चलो चलो रे...
शिव चले ससुराल.... चलो चलो रे।
दूल्हा बना महादेव और नंदी बना सवारी ।
पांव पखारे हिमाचल और मैना आरती उतारी ।
क्षम्य भांवर घूमे शिव भवानी ...2
शोभा वर्णी ना जाये । चलो चलो रे ।
शिव चले ससुराल लेकर भूतों की बारात चलो चलो रे..
डम डम डम डम डमरू बाजे, छम छम छम छम घूंघरू ।
नाचे पूरा रे संसार... चलो चलो रे।
💐💐💐💐💐💐
© चन्द्रहास सेन शिक्षक
ग्राम व पोस्ट कोसरंगी, थाना खरोरा
जिला रायपुर छत्तीसगढ़
पिन 493225
9752468692
----------------------------------------------------------
------------------------------------------------------------------------------
GEETA PRAKASHAN
Please call us 62818 22363

.jpeg)
No comments:
Post a Comment