(Bharat Ki Azadi Ka Amruth Mahotsav)
वीर सैनिक
भारत की सीमा पर पहरा देते सैनिक
दिन रात डटे रहते, बचाते देश की लाज
दूर रहते उनके परिवार और समाज।
महल चौबारों में रहतीं सैनिक नार
संभाले बालक, बुजुर्ग, घर, बार
कभी कभी पातीं वीर साजन का प्यार।
शत्रु साजिश का मुँह तोड़ जवाब देने को रहते हर दम तै यार ला
तेज़ धूप, लू के थपेड़ों से ना पाते निजात।
शीत ऋतु की ठिठुरन में सहते हिमपात।
वीरता दिखती हर समय तभी अलग इनकी कहानी।
दिन चर्या विशेष, भिन्न होती जवानी।
जीवन शैली वीरों की संघर्ष भरी निशानी। सेवा निवृत हो घर आवे तब भी रहती स्मृति।
बुढापा चाहे दस्तक दे, शौर्य पूर्ण होती कृति। जीने की ललक उनकी खास
देश के मान सम्मान का ले अहसास।
कश्मीर, कारगिल, लेह लदाख, सिक्किम, भूटान, सियाचीन, यू पी, विहार के प्रवास
लेकिन कुछ तिरंगे में लिपटे आते आवास। देश नमन करता, भारत माँ का पाते आशीष।
सुषमा खजूरिया
गांव विजयपुर जिला बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश
98052 25015
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Call 89852 51271 @ EDITOR Dr. Sabbani Laxminarayana
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