कथा सरोवर
- वी एन वी पद्मावती
रामय्या नाम का एक किसान राजपुर में रहता था। उसके पास पांच एकड़ की भूमि थी। वह अच्छी फसल उगाता था। एक दिन वह घर के सामनेवाले कीचड में गिर गया। उसके हाथ की हड्डी थोड़ी टूट गयी। वह विश्राम करते सोच रहा था कि यह कब तक ठीक होगा और माय कब तक खेत में जा पाउँगा। घर के सारे सदस्य खेत में चले गए पर उसका मैं नहीं लग रहा था। इतने में सुंदरय्या वहाँ आया और एक सेर जवारी मांगा। रामय्या ने वहाँ के एक तोलने की माप से तोल लेने को कहा। तोलते समय कुछ जवार के दाने नीचे गिर गए। उसे खाने के लिए एक तोता आया। यह देखकर रामय्या उसे वहाँ से भागना चाहता था। पर सोचा कि किसीके मुँह तक आये हुए खाने को रोकना पाप है। पर यह देखते हुए रामय्या को दर्द से थोड़ी राहत मिली। अगले दिन वह तोता एक और तोते को लाया। इस तरह रोज तोते बढ़ते गए। ये सब देखते हुए रामय्या अपना दर्द पूरी तरह से भूल गया। डॉक्टर ने देखा तो कहने लगे की आपका घाव तो पूरी तरह से कम हो गया। ६ हफ़्तों तक कम न होनेवाला एक हफ्ते में कम हो गया बड़े अचरज की बात है। रामय्या ने तोतों के झुण्ड को कभी न रोका। अब उसने सोचा कि ये तोते अगर मेरे पास ही रहते तो और अच्छा होगा और अपने बच्चों कि सलाह भी ली। बच्चों ने हाँ करदी।
रामय्या कि पत्नी ने सचेत किया कि अड़ोस-पड़ोस वाले आपत्ति जताएंगे। अड़ोस-पड़ोस वालों ने भी न नहीं किया। लेकिन रामय्या ने फिर सोचा कि किसीको हमारी वजह से कोई आघात न पहुँचे और रामय्या ने पत्नी से बातचीत कर घर को खेत में ही घर बनाकर रहने का विचार किया। तोतों ने भी इसको समझ लिया और खेत में आने लगे। अब रामय्या ने अपने साथ तोतों के लिए भी आधे एकड़ जमीन में जवार डालने लगा।
अब तोतों के साथ और पक्षी भी आने लगे। अब हजारों पक्षियों के लिए रामय्या का खेत निवास का स्थान बन गया और प्रकृति को अपने सामने पाने का सुआवसर पाकर धन्य महसूस करने लगा और सारा परिवार चुस्त और तंदरुस्त था। इसके बारे में जानकार एक अध्यापक ने छात्रों को क्षेत्र पर्यटन के लिए रामय्या के खेत में ले जाना चाहा और वहाँ जाकर दंग रह गया कि इतनी सारी पक्षियाँ एक जगह देख पाएँगे? क्या मै जो देख रहा हूँ सच है या सपना! अपने आपको चुभाकर देखा तो सच था | अब रामय्या का खेत एक चिडिया घर बन गया।
सीख/ नीति :
पक्षी मानव के सच्चे मित्र हैं।पक्षियों के बिना संसार अधूरा है | पक्षियों का आदर करें|
बेहतरीन ������
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