(Geeta Prakashan Bookswala's Anthology "आज़ादी एक महापर्व ")
मेरी पुण्य भूमि है भारत
मेरी कर्मभूमि है भारत
मै गर्वित भारतवासी
मेरी जन्म भूमि है भारत
सूर्य सा तेज भी है
यहाँ इंसानों में
कर्ण से दानी
प्रताप से वीर
सुभाष से सैनिक भी
जहाँ विचारों में
ऐसी कर्मभूमि है भारत
मेरी पुण्य भूमि है भारत
देवी का वास भी है
यहाँ हर नारी में
सीता सी, लक्ष्मी सी
दुर्गा सी, सरस्वती सी
काली सी , ममता से भरी
माँ है प्यारी सी, ऐसी
मेरी जन्म स्थली है भारत
मेरी कर्मभूमि है भारत
मेरी पुण्य भूमि है भारत
शोभित है यह कृष्ण, राम से
बुद्ध और बलराम से
सीता और राधे श्याम से
शूरवीर प्रताप, कलाम से
बनाए रखना इसका मान
पूरे दिलो जान से
चिड़ियों की चहचाहट भाए
मिट्टी की सौंधी खुशबू , जहाँ फिज़ा महकाए
दुग्ध रूप में नदिया का पानी
प्रकृति में चार चाँद लगाए
शौर्य जिसका बड़ता ही जाए
ऐसी मेरी जन्म भूमि है भारत
ऐसी मेरी पुण्य भूमि है भारत
हारना नही ,हराना है
खोना नही, लक्ष्य को पाना है
बढ़ना है और उत्साह बढ़ाना है
नए भारत के सपने को
साकार कर
आत्मनिर्भर , सोने की
चिड़िया अब फिर बनाना है
ऐसी जन्म भूमि है भारत
मेरी पुण्य भूमि है भारत
💐💐💐💐💐💐
© रेखा अग्रवाल
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